विचार motivation मशाल - Blog Story -2- सफल होने के लिए अपने अंदर की ताकत को पहचानो
शिखर तक पहुंचने के लिए ताकत चाहिए होती है , चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपका पेशा प्रेम करने वाला पडोसी दूर रहने वाले भाई से कही ज्यादा उत्तम है। स्वामी विवेकानंद बचपन में कछुए और खरगोश की स्टोरी हम सभी ने सुनी है जिसमे खरगोश जिसे कोई हरा नहीं सकता अपने अहंकार के कारण हर जाता है. वही दूसरी तरफ कछुआ धीमी गति से चलने के बावजूद निरंतर प्रयास के कारण जित जाता है. इन पंक्तियो में ताकत से आशय आपके निरंतर प्रयास से है। जीवन में आप जिस किसी भी पेशे से जुड़े है या आप विद्यार्थी है। सफलता छोटी हो या बड़ी आपको अपनी ताकत निरंतर प्रयास के रूप में बढ़ानी ही पड़ेगी। पहले लोग मेहमानो के आने पर खुश होते है. जुड़े हुए परिवार हुआ करते थे. जिनमे ...